Rajendra Kumar Nema20 फ़र॰ 20243 मिनट पठनजीवन को व्यर्थ न जानें दें, बनें बेसहारों का सहाराआम लोगों में यह धारणा है कि जब मंद बुद्धि बच्चे पूर्णरूप से स्वस्थ नहीं होते तो इनके साथ काम करने का कोई मतलब नहीं है । परंतु यह सोच गलत है